कई बार जब हम नर्सरी से कोई पौधा खरीदकर ले जाते हैं और वह पौधे को अपने घर में लगाते हैं और लगाते समय उसमें पानी डालते हैं और पानी डालते ही नीचे से पानी निकल जाता है। हमें लगता है कि पानी अच्छी तरह से दे दिया गया है लेकिन थोड़ी देर बाद मिट्टी फिर सूखी की सूखी रहती है और पौधा भी ठीक दिखाई नहीं देता है।
अपने 17 साल के नर्सरी अनुभव से मेने पौधों के साथ काम करते हुए ऐसी स्थिति में कई बार देखा है कि यह समस्या बहुत आम बात है। ग्राहक हमसे यह समस्या के बारे में बहुत ज़्यादा बात करते हैं कि पौधे में पानी डालने के बाद से मिट्टी वैसी सूखी की सूखी ही रहती है, आखिर पानी जाता कहाँ है? पानी ऊपर से ही गिर जा रहा है, आखिर कारण क्या है।
इसके प्रमुख कारण हो सकते है|
1. मिट्टी का बहुत ज़्यादा सुखकर सख्त हो जाना
पौधे लगाने के कुछ दिनों बाद हम लोग पौधों मे पानी डालते है| तो वह पानी अंदर ना जाके मिट्टी की ऊपर से ही नीचे गिर जाता है| और हमे लगता है की हमने पौधों को पानी दे दिया है जिसके बाद से पौधे मुरझाने लगते है| इसका कारण मिट्टी है
मिट्टी को हाथों मे लेने पर कैसे लगती है
जब आप की गमलों की मिट्टी खराब होती है तो वह हाथों मे लेने के बाद बहुत ही ज्यादा मोंटी और कडक हो जाती है जिसके अंदर पानी नहीं जा पता है और यही कारण है की पौधों मे पानी नहीं जा पाती |वही अगर मिट्टी अछि हो तो वह बहुत ही भुरभुरी और मुलायम होती है | मे नर्सरी मे अपने हाथ से देखकर और उसे छू कर उसकी नमी का अंदाज लगता हु|
ऊपर की मिट्टी की परत कैसी दिखाई देती है:
अगर मिट्टी बहुत ज़्यादी सुखी होती है तो ऊपर की मिट्टी की परत बहुत ज़्यादा कड़ी या पपड़ी जैसी दिखाई देती है ऐसी मिट्टी को देखकर लगता है| कि इसमे पानी देने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है लेकिन ऊपरी मिट्टी को देखा के ये नहीं कहा जा सकता की मिट्टी ठीक है या नहीं |
गमला उठाने पर कैसा महसूस होता है
अगर पौधे के गमले में मिट्टी बहुत सूखी होती है तो पानी देने के बाद भी गमला हल्का महसूस हो सकता है मैं गमले के वजन और मिट्टी की हालत दोनों देखकर अंदाज़ा लगाता हूँ कि अंदर नमी है या मिट्टी से पानी बाहर हो गया है। आप भी ऐसा कर सकते है |
कैसे जाने की मिट्टी सिर्फ अंदर से सुखी है या फिर ऊपर तक |
इसलिए जब हम पौधों में पानी देते हैं तो उसे ऊपर से देखकर पानी नहीं देना चाहिए मिट्टी की थोड़ी गहराई तक नमी को सावधानी से चेक करें अगर ऊपर की परत बहुत ज़्यादा सूखी है लेकिन अंदर से नमी बरकरार है तो तुरंत ज़्यादा पानी देने की ज़रूरत नहीं हो सकती अगर अंदर तक मिट्टी पूरी सूखी है तभी जाके अपने पौधे को आप पानी दें और भी पौधे के अनुसार ही पानी देना चाहिए।
2. मिट्टी और गमले के बीच खाली जगह बन जाना
पौधे के गमले की मिट्टी बहुत ज़्यादा सूखकर सिकड़ जाती है तो कभी-कभी गमले की दीवार और मिट्टी के बीच बहुत बड़ा गैप बन जाता है फिर पानी उस गैप से तेजी से बाहर नीचे की ओर गिर जाता है और हमें लगता है कि पानी अचानक पानी कहाँ चले गया। गमले में से पानी नीचे निकलना हमेशा यह साबित नहीं करता कि यह पौधों को पानी चला गया है। कई बार क्या होता है कि हम अपने पौधों को पानी डालते हैं लेकिन वहाँ पानी मिट्टी के होते हुए होल के द्वारा बाहर निकल जाता है, जिससे कि पौधे में हमें लगता है कि पानी डाल दिया गया है लेकिन वहाँ पानी उस मिट्टी की नमी को सोख ही नहीं पाता है, जिसके कारण कि पौधे को पूरा पानी मिल नहीं पाता है और वहाँ पूरी तरह से बाहर हो जाता है और ऊपर की मिट्टी पपड़ी टाइप की हो जाती है, जिसके कारण पौधा को पानी जितनी आवश्यकता होती है वह मिल नहीं पाती है और पौधा मुरझित होने लगता है, जिसके कारण पौधे की ग्रोथ रुकने लगती है।
3. मिट्टी बहुत दिनों तक रहने से कड़ी हो जाना
गमलों मे मिट्टी बहुत दिनों के हो जाने के कारण हवा मे आवागमन खराब हो सकता है|जिसके कारण गमलों मे पौधे सही से नहीं हो पते है
मैं अपने नर्सरी मे ऐसे देखता हु की मिट्टी खराब तो नहीं हो गई है |
मिट्टी जो है वह कितनी भुरभुरी है
मिट्टी मे कीचड़ तो नहीं बन गया है
ऊपर की मिट्टी की परत जमी तो नहीं है
मिट्टी के अंदर पानी अच्छी से जा रहा है की नहीं
4. मिट्टी का mixture पौधे के मुताबिक सही नहीं होना |
पौधों के लिए सिर्फ मिट्टी का अच्छा होना ही ज़रूरी नहीं होता, बल्कि यह भी मायने रखता है कि अलग-अलग प्रकार की मिट्टी में कौन-से पौधे अच्छी तरह बढ़ रहे हैं। हर पौधे की अपनी अलग जरूरत होती है और उसी के अनुसार उसे मिट्टी भी अलग-अलग प्रकार की चाहिए होती है। कुछ पौधों को ऐसी मिट्टी पसंद होती है जिसमें पानी आसानी से निकल जाए, जबकि कुछ पौधे थोड़ी नमी वाली मिट्टी में अच्छी तरह बढ़ते हैं। इसलिए पौधे लगाते समय केवल मिट्टी की गुणवत्त नहीं सही मिट्टी का चुनाव उसकी अच्छी ग्रोथ और स्वस्थ रहने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हम अपनी नर्सरी में पौधों के लिए ऐसी मिट्टी तैयार करते हैं, जो न तो बहुत सूखी हो और न ही बहुत ज्यादा गीली। मिट्टी में पानी की सही निकासी होना बहुत जरूरी है, ताकि पानी जड़ों तक पहुंचने के बाद अतिरिक्त पानी बाहर निकल जाए और मिट्टी में चिपचिपापन या पानी का जमाव न हो।
हम हमेशा इस बात का ध्यान रखते हैं कि हर पौधे की जरूरत के अनुसार मिट्टी तैयार की जाए। अगर मिट्टी लंबे समय तक गीली रहती है, तो इससे पौधे की जड़ों में सड़न शुरू हो सकती है। ज्यादा पानी के कारण पौधे की पत्तियाँ पीली पड़ने लगती हैं, पौधा मुरझा सकता है
इसलिए पौधों की सही देखभाल के लिए मिट्टी का सही बनाव बहुत जरूरी है। आपको भी ध्यान रखना चाहिए कि गमले की मिट्टी में पानी जमा न ही इतनी सूख जाए कि वह सख्त होकर पपड़ी जैसी बन जाए। अच्छी मिट्टी वही होती है, जिसमें पौधे की जड़ों को हवा, नमी और पानी की सही मात्रा मिलती रहे।
5. गमले का Drainage सही नहीं है|
अगर हम किसी भी प्रकार के पौधे को ऐसी मिट्टी में लगाते हैं, जिसमें ड्रेनेज सही नहीं है, तो पौधे की ग्रोथ पर इसका सीधा असर पड़ता है। खराब मिट्टी और पानी की निकासी सही न होने के कारण पौधे की जड़ों को पर्याप्त हवा और नमी नहीं मिल पाती, जिससे पौधा धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है।
इसलिए अपनी नर्सरी में हम पौधे लगाने से पहले मिट्टी की हालत और ड्रेनेज का विशेष ध्यान रखते हैं। हम देखते हैं कि मिट्टी में पानी डालने पर वह सही तरीके से नीचे निकल रहा है या नहीं। पानी डालते ही अगर वह बाहर निकल जाए, लेकिन मिट्टी के अंदर नमी न पहुँचे, तो यह भी पौधे के लिए समस्या हो सकती है।
मिट्टी का बहुत ज्यादा जम जाना और उसके ऊपर पपड़ी बन जाना एक आम समस्या है। ऐसी मिट्टी में पानी डालने पर कई बार पानी ऊपर से ही बहकर बाहर निकल जाता है या मिट्टी के बीच में रुक जाता है। इससे पानी जड़ों तक ठीक से नहीं पहुँच पाता और पौधे को आवश्यक नमी नहीं मिलती। धीरे-धीरे पौधे की पत्तियाँ मुरझाने लगती हैं, ग्रोथ रुक जाती है और पौधा खराब होने लगता है।
इसलिए पौधों के लिए ऐसी मिट्टी तैयार करनी चाहिए, जो भुरभुरी हो, जिसमें पानी सही तरीके से अंदर जाए और अतिरिक्त पानी भी आसानी से बाहर निकल सके। इससे जड़ों को नमी, हवा और बढ़ने के लिए सही वातावरण मिलता है।
6. पानी डालने का आपका तरीका गलत होना|
1. गमले मे पानी तेजी से ना डाले|
पानी आप जब भी गमले मे डाले तो धीरे-धीरे डाले ताकि मिट्टी को पानी सोखने का समय मिल सके|
2. मिट्टी बहुत ज्यादा सुखी हो तो धीरे -धीरे पानी दे|
अगर गमले की मिट्टी कई दिनों से सूखी हो और बहुत ज़्यादा कड़ी हो गई हो, तो उसमें एकदम से अधिक पानी नहीं डालना चाहिए। ऐसी स्थिति में थोड़ा-थोड़ा पानी दें, ताकि मिट्टी धीरे-धीरे पानी सोख सके और नमी जड़ों तक पहुँच सके। एक साथ बहुत सारा पानी डालने से पानी मिट्टी के किनारों से बाहर निकल सकता है|
3. पानी डालने के बाद थोड़ा रुककर देखे पानी नीचे तो नहीं गिर गया |
आप पौधे मे पानी डाल के थोड़ा सा वही रुक जाए और यह देखे की जो पानी आप ने गमले मे डाला है वो आखिर गया कहा पौधों की जड़ों तक पहुचा की नहीं |
4. नीचे की तरफ पानी निकलते को जौर चेक करे |
जब आप ने गमले मे पानी डाला तो वो पानी नीचे की योर जाएगा| आप ये देखना है की पानी मिट्टी को नमी दे चुकी है या नहीं कि पानी एक रास्ते से बाहर निकाल गई है|
जब मे अपनी नर्सरी मे पौधों को पानी देता हु तो देखता हु की पानी डालने के बाद मिट्टी का क्यों response है |अगर मुझे लगता है की और पानी देना है तो ही मे पानी देता ही जबरदस्ती का पानी मे नहीं देता जो की पौधों के लिए जरूरी होती है की पौधों की स्थिति देखा कर ही हमे उस पर काम करना चाहिए|
7. पानी नीचे से निकल रहा है लेकिन जड़ों वाली मिट्टी अभी भी सूखी क्यों है |
“मान लीजिए पानी नीचे से निकल रहा है तो क्या पौधे की जड़ों तक पानी पहुच गया ?
जब हम गमले में पानी डालते हैं तो कई बार पानी नीचे से निकलने लगता है और हमें लगता है कि पौधे की जड़ों तक पानी अच्छी तरह पहुँच गया है। लेकिन नीचे से पानी निकलना हमेशा यह साबित नहीं करता कि गमले के अंदर की मिट्टी पूरी तरह गीली हो गई है। कई बार मिट्टी बहुत ज़्यादा सूखकर कड़ी हो जाती है या गमले की दीवार और मिट्टी के बीच गैप बन जाता है। ऐसे में पानी मिट्टी में अच्छी तरह फैलने के बजाय सीधे नीचे से बाहर निकल सकता है
1. पानी का नीचे से निकलना
इसका मतलब यह नहीं की मिट्टी पूरी तरह से गीली हो गई है
2. जड़ों के आसपास की मिट्टी अवश्य देखे
कि वाह्य पास नमी है भी या नहीं इस चीज को देखना बहुत जरूरी है |
3. गमले के किनारों के खाली जगह को जरूर देखे
कही पानी उस मिट्टी मे जाने बजाय काही और तो नहीं जा रही वह किनारे से सीधे नीचे की योर तो नहीं जा रही |
4. पौधे की हालत पर बहुत जड़ ध्यान दे
पत्तिया मुरझाई है या वह ठीक है ये देखना भी जरूरी है
जब मैं अपनी नर्सरी के पौधों को पानी देता हूँ, तो इस बात का विशेष ध्यान रखता हूँ कि पानी गमले के किनारे से सीधे बाहर न निकल जाए। पानी धीरे-धीरे इस तरह देना चाहिए कि वह गमले की पूरी मिट्टी में नीचे तक पहुँचे और जड़ों को अच्छी तरह नमी मिले। सिर्फ नीचे से पानी निकलने का मतलब यह नहीं है कि पौधे की जड़ों तक पानी पहुँच गया है।
मै नर्सरी का अपना अनुभव बता रहा हु समस्या को कैसे पहचाने|
अगर पानी डालते ही नीचे से निकाल जाता है तो आप इन 5 चीजों को जरूर देखे:
1.गमले का वजन
सबसे पहले तो आप उस गमले को देखे की पानी देने के बाद वह गमला भारी हुआ है या फिर हल्का है अगर उस मे पानी अछे से नीचे चल जाएगा तो वह थोड़ा सा भारी लगेगा|नहीं तो वह सामान्य सा होगा
2. मिट्टी की गहराई
गमले की मिट्टी को केवल ऊपर से देखकर यह पता नहीं लगाया जा सकता कि वह अंदर तक गीली है या सूखी। कई बार ऊपर की मिट्टी सूखी दिखाई देती है, लेकिन अंदर जड़ों के पास नमी बनी रहती है। वहीं, कुछ गमलों में ऊपर से मिट्टी गीली दिखती है, जबकि अंदर की मिट्टी पूरी तरह सूखी हो सकती है।
इसलिए पौधे को पानी देने से पहले मिट्टी की नमी को थोड़ा अंदर तक जांचना ज़रूरी है। इसके लिए आप उंगली या किसी लकड़ी की सहायता से मिट्टी को सावधानी से चेक कर सकते हैं। अगर अंदर तक मिट्टी सूखी है, तभी पानी दें।
3. गमले और मिट्टी के बीच बहुत ज्यादा gap
जब गमले की मिट्टी सिकुड़कर गमले की दीवारों से अलग हो जाती है और उनके बीच बड़ा गैप बन जाता है, तो पौधे में पानी डालने पर पानी मिट्टी में जाने के बजाय किनारे की खाली जगह से तेजी से नीचे निकल सकता है। ऐसी स्थिति में मिट्टी के अंदर जड़ों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुँच पाता और नमी भी ठीक से नहीं बन पाती।
इसका असर पौधे की सेहत पर पड़ सकता है। पानी की कमी के कारण पौधा मुरझाने लगता है, उसकी बढ़वार प्रभावित हो सकती है। इसलिए गमले में पानी डालते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि पानी केवल नीचे से निकल न जाए, बल्कि मिट्टी को अच्छी तरह भिगोकर जड़ों तक नमी पहुँचाए।
4. पौधे की हालत को भी देखना जरूरी है
पत्तिया बहुत ज्यादा मुरजाई ना हो ,नीचे की योर झुकी ना हो या फिर पौधे की नई शखाओ मे ग्रोथ रुक गई हो |तो पानी डालने से पहने कारण को ठीक से देखे |
5. गमले से पानी ऊपर से ही गिर जाना
पानी को गमले मे डालते ही वह तुरंत गिर जाता है जिससे पानी मिट्टी के अंदर नहीं जा पट्टी और जड़े सूखी ही रह जाती है इस का आप बदूत ज्यादा ध्यान देना द है |
“निसकर्ष “
गमले के मिट्टी पानी क्यों नहीं सोखती, इसके कई कारण हो सकते हैं। सिर्फ ऊपर से मिट्टी, सिर्फ ऊपर से पानी डाल देना इसके लिए काफी नहीं है। मिट्टी की हालत, गमले और मिट्टी के बीच की वह जगह, गैप, मिट्टी का मिक्सर और पानी डालने का तरीका भी देखना आपको बहुत जरूरी है। नर्सरी में पौधों को हम देखकर और मिट्टी की नमी को समझकर ही पानी देते हैं। हमें लगता है कि मिट्टी में नमी है, पानी देने की जरूरत नहीं है, तो हम पानी नहीं देते हैं। और मिट्टी बहुत ज्यादा सूखी होती है तभी उसमें थोड़ा सा पानी दिया जाता है। सही मिट्टी, सही पानी और सही देखभाल से पौधे को स्वस्थ रखने में काफी मदद मिल सकती है।