अक्टूबर मे गेंदा कैसे लगाएं? ज्यादा फूलों के लिए गेंदा पौधे की पूरी देखभाल

गेंदा कैसे लगाएं ,अक्टूबर में गेंदा लगाने का सही समय, सही तरीका जानना चाहते हैं इस मौसम में गेंदा लगाने से पहले मिट्टी, धूप, पानी और पौधे के बीच सही दूरी का ध्यान रखना ज़रूरी होता है सही देखभाल मिलने पर ही गेंदा के पौधों की अच्छी ग्रोथ और भरपूर फूल आते हैं |

गेंदे का पौधा लगभग हर घर की पहली पसंद होता है। अक्टूबर आते ही नर्सरी में गेंदे के पौधे खरीदने और लगाने का काम तेजी से शुरू हो जाता है। इसे लगाना भी बहुत आसान है और इसकी देखभाल में बहुत ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। सर्दियों मे फूल लगाने और सही देखभाल से इसमें जल्दी ही फूल भी आने लगते हैं।

मैं अपनी नर्सरी में गेंदा के पौधे को तैयार करते समय इन बातों का खास ध्यान रखता हूँ इस लेख में जानेंगे अक्टूबर में गेंदा कैसे लगाएँ, कौन सी मिट्टी में लगाएँ, कितना धूप दें और पौधों में ज़्यादा फूल लाने के लिए किन-किन गलतियों से आपको बचना है।

गेंदे के स्वस्थ पौधे और फूल

अक्टूबर मे गेंदा लगाने का सही समय

अक्टूबर के महीने में मौसम धीरे-धीरे ठंडा होने लगता है, इसलिए गेंदा के पौधे के लिए मौसम अनुकूल होने लगता है। हालांकि हर जगह मौसम एक जैसा नहीं होता। आपके इलाके के तापमान और मौसम के अनुसार गेंदा लगाने का सही समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है। अगर बहुत ज्यादा गर्मी के समय गेंदा का पौधा लगाया जाए तो पौधे को परेशानी हो सकती है और वह कमजोर या खराब भी हो सकता है।

अगर आप नर्सरी से तैयार गेंदा का पौधा खरीदकर लगा रहे हैं, तो पौधा चुनते समय भी आपको थोड़ी सावधानी रखनी चाहिए। ऐसा पौधा लें जिसकी पत्तियां हरी और स्वस्थ हों, तना मजबूत हो और पौधे में किसी तरह के कीड़े या बीमारी के लक्षण दिखाई न दें।

मैं अपनी नर्सरी में पिछले कई वर्षों से गेंदा के पौधे अक्टूबर के मौसम में तैयार करता हूं। अक्टूबर का महीना शुरू होते ही ग्राहक गेंदा के पौधे खरीदना शुरू कर देते हैं और इस समय इसकी मांग भी काफी बढ़ जाती है। हमारी नर्सरी में भी अक्टूबर के दूसरे सप्ताह के आसपास गेंदा के पौधों की बिक्री और पौधे तैयार करने का काम तेजी से शुरू हो जाता है।

मैं अपनी नर्सरी में गेंदा के पौधे तैयार करने के लिए अच्छी क्वालिटी के बीजों का इस्तेमाल करता हूँ। अगर आप चाहें तो अपने घर पर भी गेंदा के बीज डालकर पौधे तैयार कर सकते हैं। लेकिन अगर आपको बीज से पौधा तैयार करने का तरीका नहीं पता है या आप जल्दी फूल वाला पौधा चाहते हैं, तो आप नर्सरी से एक अच्छा और मजबूत गेंदा का पौधा खरीदकर लगा सकते हैं।

गेंदे का पौधा खरीदते समय आप को किन बातों का ध्यान रखना चाहिये?

गेंदा कैसे लगाएं पौधा अगर आप खरीदने जाते हैं तो खरीदते समय सिर्फ पौधे को देखकर या पौधे में फूल देखकर पौधे में फूल लगा हुआ देखकर ही ना खरीदें पौधे की पूरी हालत को अच्छी तरह से देख लें पत्तियाँ बहुत ज़्यादा पीली नहीं होनी चाहिए तने ये मजबूत हो और पौधे पर किसी प्रकार के कीट दिखाई न दे रहे हों गेंदा का पौधा बहुत ज़्यादा लंबा हो और कमजोर, पतला पौधा हो तो उसे ना ही लेना अच्छा होता है

नर्सरी से पौधा लेते समय आपको यह भी देखना पड़ता है कि उसकी जड़ें गमले से बाहर तो नहीं निकल गई हैं और उस गमले में पानी का जमा तो नहीं हो रहा है नहीं तो नर्सरी से ले जाकर जब आप अपने घर में उस पौधे को लगाएंगे तो वह पौधा तुरंत खराब हो और खत्म हो जाएगा इसलिए आपको इन बातों का विशेष ध्यान देना है कि पौधा एकदम स्वस्थ हो जिससे कि आपके घरों में जाकर वह अच्छी तरह से तैयार हो सके।

गेंदे लगाने के लिए गमला और मिट्टी कैसी होनी चाहिए?

अगर आप भी नर्सरी से गेंदा का पौधा ले जाकर बहुत शौक से लगाना चाहते हैं तो सबसे ज़रूरी है कि गेंदा को लगाने से पहले जिस गमले में आप उस गेंदे के पौधे को लगाएंगे उस गमले में नीचे छेद होना ज़रूरी है क्योंकि जब आप पानी डालेंगे तो उस छेद के ज़रिए उसमें से पानी निकलना बहुत ही ज़रूरी है और गेंदे के पौधे लगाने के लिए मिट्टी ऐसी होनी चाहिए जिसमें पानी डालते ही जड़ तक पहुँच जाए और पानी फिर नीचे की ओर से निकल जाए, नीचे की ओर से निकल जाए ताकि जड़ों को हवा मिलती रहे। बहुत भारी और चिपचिपी कीचड़ वाली मिट्टी होने से पौधे की ग्रोथ और जड़ें अच्छी तरह से फैल नहीं पाते हैं।

हम जब अपनी नर्सरीयों में इस गेंदे के पौधों को लगाते हैं तो अपने ग्राहकों को यही सलाह देते हैं कि आपको मिट्टी और पानी का ध्यान रखना है क्योंकि मिट्टी और पानी ही पौधों को अच्छी तरह से ग्रोथ और फूल खिलाने में मदद करती हैं। अगर आपके पास एकदम भुरभुरी मिट्टी है, जैसे कि हम अपनी नर्सरीयों में यूज़ करते हैं, तो आप उसमें किसी भी प्रकार के पौधों को आसानी से लगा सकते हैं। गेंदा का पौधा लगाने के लिए आपको, आपके पास अगर काली मिट्टी है तो बहुत ही अच्छी मानी जाती है। अगर दूसरी मिट्टी भी है तो वो भी अच्छी होती है लेकिन वो भुरभुरी होनी चाहिए। हार्ड मिट्टी जो होती है, उसमें पौधे की ग्रोथ नहीं हो पाती और जड़ को फैलने में बहुत दिक्कत होती है, इसलिए आप पहले मिट्टी को सही करिए, उसके बाद आप पौधे लगाएंगे तो आपके पौधे बहुत ही अच्छे और बढ़िया खिलेंगे।

गमले मे गेंदा कैसे लगाएं?

गेंदा के पौधे को गमले में लगाने से पहले सबसे पहले आपको गमले के नीचे एक छेद जरूर देख लेना चाहिए। यह छेद बहुत जरूरी है, क्योंकि पानी डालने के बाद अतिरिक्त पानी इसी रास्ते से बाहर निकलता है। छेद के ऊपर आप एक छोटा सा पत्थर या टूटा हुआ गमले का टुकड़ा इस तरह रख सकते हैं कि पानी तो बाहर निकलता रहे, लेकिन मिट्टी बाहर न निकले।

इसके बाद गमले में अच्छी और भुरभुरी मिट्टी भरें। अब गेंदा के पौधे को गमले के बीच में रखें और चारों तरफ से थोड़ी-थोड़ी मिट्टी डालकर जड़ों को अच्छी तरह ढक दें। मिट्टी को बहुत ज्यादा दबाने की जरूरत नहीं है। मिट्टी हल्की और भुरभुरी रहेगी तो जड़ों को हवा और पानी आसानी से मिल पाएगा।

जब पौधा गमले में लगा दें, तो इसके बाद हल्का पानी दें। इससे ऊपर डाली गई मिट्टी जड़ों के आसपास अच्छी तरह बैठ जाएगी। लेकिन बहुत ज्यादा पानी देने की जरूरत नहीं है।

जब मैं अपनी नर्सरी में गेंदा के पौधे को गमले में लगाता हूँ, तो पौधे को निकालते समय उसकी जड़ों का विशेष ध्यान रखता हूँ। कई बार नर्सरी के पौधे की जड़ें गमले के अंदर आपस में काफी फैली हुई होती हैं। इसलिए पौधे को निकालते समय जड़ों को बहुत ज्यादा तोड़ना या नुकसान पहुंचाना नहीं चाहिए। अगर जड़ों को ज्यादा नुकसान हो जाए, तो पौधा लगाने के बाद मुरझा सकता है।

गेंदा के पौधे को नए गमले में लगाने के बाद शुरुआती समय में आप उसे हल्की छांव में भी रख सकते हैं, ताकि पौधे को नए गमले और नए वातावरण में अच्छी तरह सेट होने का समय मिल सके। इसके बाद धीरे-धीरे उसे उसकी जरूरत के अनुसार पर्याप्त रोशनी और धूप वाली जगह पर रखें।

गेंदे को कितनी धूप चाहिए?

गेंदा का पौधा एक ऐसा पौधा है, जिसे अच्छी ग्रोथ और बहुत सारे फूल के लिए अच्छी धूप की जरूरत पड़ती है, इसलिए इसे आप ऐसी जगह रखें जहाँ उसे अच्छी धूप मिले, मिल सके। बहुत कम रोशनी वाली जगह में पौधा लंबा होने लगता है और सिर्फ उसमें पत्तियाँ ही बढ़ती हैं और उसमें फूल बिल्कुल भी नहीं आते हैं और पौधा भी कमजोर होने लगता है। लेकिन नए पौधे को जब आप लाकर लगाते हैं

तो उसको थोड़ा सा उस मौसम में एडजस्ट होने का थोड़ा मौका देना चाहिए, खासकर के अगर पौधा नर्सरी से ला रहे हैं तो वहाँ की परिस्थितियों से वह अलग है। जब आप नर्सरी से गेंदा का पौधा लाते हैं तो पहले उसकी जगह को फिक्स कर लें तभी आप गेंदा के पौधे को लगाएँ और उसे धूप वाली जगह में रखें ताकि वह पौधा अच्छी तरह से विकसित होकर ही आपके घर में बहुत सारे फूल खिल सके।

गेंदे मे पानी कब और कितना डालें?

गेंदे में पानी देने का ऐसा तो कोई फिक्स शेड्यूल नहीं लागू होता है। वो आपके मौसम, गमले का आकार, मिट्टी और धूप के जरूरत अनुसार ही आपको पानी देना है। मिट्टी को देखकर पानी देना सबसे ज़्यादा सही माना जाता है। अगर ऊपर की मिट्टी सूखी है तो आप पानी डाल सकते हैं, लेकिन मिट्टी पहले से ही गीली है तो रोज़-रोज़ पानी देने से पौधे खराब होने लगते हैं और आपको विशेष रूप से गमले में पानी देने के बाद या पानी नीचे की तरफ से निकल रहा है कि नहीं इसे भी बहुत ध्यान से देखना होगा।

मेरा अपना अनुभव जब तेज गर्मी और धूप होती है तो पानी की मात्रा थोड़ा बढ़ा देते हैं वहीं अक्टूबर के महीने में जब गेंदे लगते हैं तो उस महीने में धूप और गर्मी थोड़ी कम हो जाती है और ठंड धीरे-धीरे बढ़ने लगती है तो उस समय में हम पौधों को थोड़ी मात्रा में ही पानी देते हैं क्योंकि मिट्टी में पहले से ही नमी होती है और एकदम ज़्यादा ठंड के मौसम में आपको रोज़-रोज़ पानी देने की आवश्यकता नहीं होती है। आप दो दिन में एक बार भी पानी दे सकते हैं, वो आपके पौधे के ऊपर और मौसम के ऊपर निर्भर करता है। हम अपनी नर्सरीयों में इसी प्रकार से पौधों की देख रेख करते हैं। विशेष रूप से मौसम गेंदे के पौधे के लिए बहुत मायने रखता है।

गेंदे मे खाद कैसे और कब देना चाहिए?

गेंदे के पौधे को सिर्फ लगाना ही नहीं होता है।उसमे पोषक तत्वों की भी जरूरत होती है लेकिन जब आप गेंदे के पौधे में खाद डालते हैं तो उनको बहुत ही सावधानी से इसका उपयोग करना चाहिए, क्योंकि ये सब winters के पौधे बहुत ही नाजुक होते हैं। अगर थोड़ा सा भी ज़्यादा खाद हो जाए तो पौधे तुरंत खराब हो जाते हैं। पौधे लगाने के समय मिट्टी में अच्छी तरह से सड़ी हुई कम्पोस्ट या उपयुक्त ऑर्गेनिक मिक्सचर का इस्तेमाल आप कर सकते हैं बाद में पौधे की थोड़ी growth होने के बाद उसमें थोड़ी आसानी से खादों का उपयोग कर सकते हैं जब आप भी खाद का उपयोग करते हैं तो गेंदे के पौधे को अच्छी तरह से देख लें कि वह खाद डालने लायक हो गए हैं कि नहीं और खाद इतना ही मात्रा में डालें कि जितना हुआ पौधा उसको absorb कर सके।

अगर आप ऐसा मानकर खाद का उपयोग करते हैं कि ज़्यादा खाद डालने से तुरंत पौधे बड़े हो जाएंगे और बहुत सारे फूल आने लगेंगे तो यह गलती बिल्कुल भी न करें क्योंकि यह गलती आपके पौधे को पूरी तरह से खराब कर सकता है आपको खाद की मात्रा उतनी ही डालनी है जितनी कि उस पौधे को और सकता है

मैं जब अपने नर्सरी में खादों का उपयोग करता हूँ तो उसमें आसानी और ऑर्गेनिक दोनों खादों को मिक्स करके उपयोग करता हूँ जिससे दोनों खादों का पोषक पौधों को मिल सके हो सकता है जिससे पौधे हरे भरे होकर उनकी growth भी अच्छी होती है और शखाएँ भी अच्छी होकर के उसमें फूल और कलियाँ पूरी भर जाती हैं आप भी इसी प्रकार के मिक्स खाद का प्रयोग कर सकते हैं|

गेंदा में पिंचिंग कब और कैसे करे?

अगर आप भी गेंदे के पौधे की ग्रोथ अच्छी करना चाहते हैं और चाहते हैं कि पौधा ज्यादा घना बने, तो आप उसमें पिंचिंग कर सकते हैं। पिंचिंग करने से पौधे की ऊपर की बढ़ती हुई टिप रुक जाती है और साइड से नई शाखाएँ निकलने लगती हैं। इससे पौधा ज्यादा घना और मजबूत बनता है और आगे चलकर उसमें ज्यादा फूल आने में मदद मिल सकती है।

लेकिन पिंचिंग हर पौधे में एक ही समय या एक ही जगह से करना सही नहीं होता। इसके लिए पौधे की वैरायटी, उसकी ग्रोथ, पौधे की ऊंचाई और मौसम को जरूर देखना चाहिए। हम अपनी नर्सरी में गेंदे के पौधों की पिंचिंग करते हैं तो पौधे की हाइट और उसकी ग्रोथ का विशेष ध्यान रखते हैं।

बहुत छोटे या कमजोर पौधे में अगर आप जल्दी पिंचिंग कर देंगे, तो पौधे पर अनावश्यक तनाव पड़ सकता है और उसकी ग्रोथ खराब हो सकती है। इसलिए पहले पौधे को अच्छी तरह बढ़ने दें। आमतौर पर पौधे को लगाने के लगभग 10 से 15 दिन बाद, जब पौधा अच्छी ग्रोथ में आ जाए, तब उसकी पिंचिंग की जा सकती है।

पिंचिंग करने के बाद आप देखेंगे कि कुछ समय में पौधे के साइड से नई-नई शाखाएँ निकलने लगती हैं। इससे पौधा धीरे-धीरे ज्यादा घना और अच्छी शेप वाला बन जाता है। आगे चलकर इन्हीं नई शाखाओं पर फूल आने लगते हैं।

गेंदे के पौधे मे ज्यादा फूल कैसे लाएं?

गेंदा में जब ज़्यादा फूलों की बात आती है तो आपको सिर्फ हाथ पर निर्भर नहीं रहना है पौधे की पूरी तरह से देखभाल करना जरूरी होता है

ध्यान रखने वाली सबसे जरूरी बातें:

  1. पौधे को पर्याप्त मात्रा में धूप देना होगा |
  2. पानी भी जरूरत के अनुसार ही दें |
  3. गमले में पानी रुकने न दें |
  4. समय पर उसकी छंटाई करें |
  5. पौधे को जरूरत के अनुसार पोषक दें |
  6. सूखे फूलों को समय-समय पर काटते रहें |
  7. कीट या बीमारी देखें तो शुरुआत में ही उसको देखकर के उसका उपचार करें |
  8. बहुत ज़्यादा पौधे एक छोटे से गमले में न लगाएं।

गेंदे के सूखे फूल को क्यों हटाना चाहिए?

जब गेंदे के फूल में एक बार फूल खिलकर उसमें सूखने लगते हैं तो आपको उसे देखकर के उन फूलों को हटाना जरूरी इसलिए भी होता है क्योंकि अगर वह सूखे हुए फूल नहीं हटाए जाएंगे तो वह उसमें दूसरे कलियाँ नहीं आएंगी, जिसके कारण गेंदा के पौधों में दुबारे फूल नहीं आ पाएंगे, इसकी ग्रोथ भी बिल्कुल रुक जाएगी। जब भी आप सूखे हुए फूल को हटाने जाएं तो एक तेज कैंची और साफ टूल का ही इस्तेमाल करें और पौधों को किसी भी प्रकार से नुकसान न पहुंचाएं |

गेंदे की पत्तियां पीली होना?

गेंदे के पत्तियाँ पीली होना यह एक ज्यादा पानी का भी संकेत हो सकती हैं। अगर गेंदे के पौधे में पानी बहुत ज्यादा होने लगता है तो वह पानी बाहर नहीं निकल पाता है, जिसके कारण जड़ों को नुकसान होने लगता है और वह पत्तियाँ पीली होकर खराब होने लगती हैं। अगर आपके पौधे में ऐसा हो रहा है तो आप उसमें यह समझकर खाद न डाल दें कि वह पत्तियाँ पीली हो रही हैं तो हरी हो जाएंगी। ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। पहले आपको मिट्टी की नमी को चेक करना होगा कि पानी जड़ से बाहर अच्छी तरह से निकल पा रहा है कि नहीं। मिट्टी हमेशा गीली तो नहीं रहती है। मिट्टी अगर हमेशा गीली रहेगी तो पौधा का पीलापन कभी खत्म नहीं होगा और पौधा धीरे-धीरे खराब हो जाएगा। इसलिए आपको पानी निकलने के लिए उस मिट्टी में थोड़ी खुराई भी करनी पड़ेगी, जिससे कि मिट्टी में पानी डाला जाए तो वह सीधे बाहर की ओर निकल जाए।

गेंदे मे कीड़े या बीमारी हो तो क्या करें?

गेंदा के पौधे में जब नई पत्तियाँ और कोमल पत्तियाँ निकलने लगती हैं, उस समय आपको पौधे पर कीटों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। नई और कोमल पत्तियों पर छोटे-छोटे कीट लग सकते हैं, जो धीरे-धीरे पत्तियों को खराब करने लगते हैं। अगर समय रहते इन कीटों की पहचान नहीं की गई, तो इसका असर पौधे की नई ग्रोथ पर पड़ सकता है और पौधे की बढ़त रुकने लगती है।

इसलिए गेंदा के पौधे में समय-समय पर नई पत्तियों और कोमल हिस्सों को ध्यान से देखते रहें और यह जांचते रहें कि कहीं छोटे-छोटे कीट तो दिखाई नहीं दे रहे हैं। अगर कीट दिखाई देते हैं, तो बिना सोचे-समझे किसी भी दवाई का प्रयोग नहीं करना चाहिए। सबसे पहले यह पहचानना जरूरी है कि पौधे पर कौन-सा कीट लगा है|

गेंदे की देखभाल मे होने वाली 7 बड़ी गलतियाँ

1 बहुत ज्यादा पानी देना

मिट्टी मे नमी रहते हुए भी पौधे मे लगातार पानी देना नुकसान करता है |

2. धूप कम देना

गेंदे के पौधे को अच्छी ग्रोथ के लिए पर्याप्त मात्र मे रोशनी की अवशकता होती है |

3. छोटा गमला इस्तेमाल करना

पौधों की size के हिसाब से ही गमला का आकार रखना है |

4. जरूरत से ज्यादा खाद का प्रयोग करना

पौधों को ज्यादा खाद देने से नुकसान ही होता है |

5. pinching को ध्यान ना देना

कुछ varieties और growth मे सही समय पर उसकी पिनचीनग करना बहुत जरूरी होता है |

6. सूखे फूलों को पौधे मे ही रहने देना

पुराने और सूखे फूलों को समय -समय पर हटाना सही होता है |

7. नर्सरी से खराब पौधा खरीदना

पौधा लेते समय स्वस्थ और अच्छी किस्म को लेना

नर्सरी मे गेंदा के पौधे को लेकर मेरी सबसे जरूरी सलाह

मेरा 17 साल का नर्सरी का अनुभव मुझे यह सिखाता है कि गेंदा का पौधा खरीदते समय लोग अक्सर एक बड़ी गलती करते हैं। वे पौधे पर लगे हुए ज्यादा फूल देखकर ही पौधा पसंद कर लेते हैं, लेकिन पौधे की पूरी हालत को नहीं देखते।

नर्सरी से गेंदा का पौधा लेते समय आपको सबसे पहले उसकी जड़, पत्तियाँ, तना और शाखाओं को अच्छी तरह देखना चाहिए। पौधा स्वस्थ है या नहीं, उसकी ग्रोथ अच्छी है या नहीं और कहीं उस पर छोटे-छोटे कीट तो नहीं लगे हुए हैं, यह देखना बहुत जरूरी है।

हमारी नर्सरी में भी जब ग्राहक गेंदा का पौधा लेने आते हैं तो अक्सर वे ज्यादा फूलों वाला पौधा देखकर उसे पसंद कर लेते हैं। लेकिन सिर्फ नर्सरी में ज्यादा फूल खिले होना इस बात की गारंटी नहीं है कि वह पौधा आपके घर ले जाने के बाद भी उसी तरह फूल देगा।

दरअसल, आपको ऐसे पौधे का चुनाव करना चाहिए जिसमें अच्छी और मजबूत शाखाएँ हों, नई ग्रोथ हो और स्वस्थ कलियाँ बन रही हों। ऐसा पौधा जब आपके घर के वातावरण में जाएगा तो आगे नई कलियाँ और फूल आने की संभावना अच्छी रहती है।

इसलिए हम अपने ग्राहकों को हमेशा यही समझाते हैं कि सिर्फ नर्सरी में खिला हुआ गेंदा का पौधा देखकर उसे न खरीदें। ऐसा स्वस्थ और अच्छी ग्रोथ वाला पौधा चुनें जो आपके घर पहुँचने के बाद भी नई शाखाएँ, कलियाँ और फूल देता रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अक्टूबर में गेंदा लगा सकते हैं?

हाँ बिल्कुल, अक्टूबर के महीने में मध्य क्षेत्रों में गेंदे का पौधा तापमान और मौसम को देखते हुए लगाया जा सकता है।

गेंदे को कितनी धूप चाहिए?

गेंदे के पौधे को अच्छी रोशनी और धूप तो चाहिए ही, क्योंकि गेंदा कम रोशनी वाली जगह पर फूल ही नहीं देता है। उसको धूप अच्छी मात्रा में चाहिए होता है।

गेंदे में रोज पानी देना चाहिए?

गेंदे में रोज पानी देने की ज़रूरत नहीं है। मिट्टी की नमी और मौसम को देखकर ही आप पानी डाल सकते हैं। मिट्टी अगर लगातार गीली है तो पानी डालने से बिल्कुल बचें।

गेंदा में पिंचिंग क्यों की जाती है?

गेंदे के पौधे में साइड ब्रांचेस बढ़ाने के लिए और अधिक बुसी और घना बनाने के उद्देश्य से उसमें पिंचिंग की जाती है। समय, सही समय पौधे की ग्रोथ और वैरायटी पर यह निर्भर करता है। आप भी अपने गेंदे की पिंचिंग कर सकते हैं, इससे कि बहुत ज़्यादा फूल आने की संभावना रहती है।

गेंदे में फूल कम आ रहा है तो क्या करें?

गेंदे में अगर आपके फूल बहुत कम आ रहे हैं तो सबसे पहले धूप, पानी, मिट्टी, और पिंचिंग, कीट बीमारी की स्थिति को जाँच लें, केवल खाद न डालें, नहीं तो नुकसान की जगह नुकसान होना चालू हो जाता है।

गमले में गेंदा लगा सकते हैं?

हाँ बिल्कुल आप गमले में गेंदा लगा सकते हैं परंतु गेंदा को ऐसी जगह पर रखे जहा तेज धूप हो और गमले में एक छेद भी कर देंगे तो उससे पानी बाहर निकल सकता है और गमले में भी गेंदा बहुत ज़्यादा फूल देने वाला पौधा है।

निष्कर्ष

गेंदे का पौधा लगाना इतना मुश्किल नहीं है, लेकिन शुरुआत में कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। अगर आप अक्टूबर के महीने में गेंदे का पौधा लगा रहे हैं, तो सबसे पहले स्वस्थ पौधा चुनें और उसके लिए अच्छी गुणवत्ता वाली मिट्टी तैयार करें। पौधे को पर्याप्त मात्रा में धूप दें और मौसम, मिट्टी तथा गमले की स्थिति देखकर ही पानी दें।

समय पर पौधे की पिंचिंग करने से उसमें नई शाखाएँ निकलने में मदद मिलती है और पौधा धीरे-धीरे घना होने लगता है। इसके साथ ही सूखे हुए फूलों को समय-समय पर हटाते रहें और जरूरत के अनुसार हल्की छंटाई भी करते रहें। इन छोटी-छोटी देखभाल से गेंदे के पौधे की ग्रोथ अच्छी होने में मदद मिलती है |

लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि किसी भी पौधे की देखभाल करने से पहले उसकी जरूरत को समझें। हर पौधे, हर मौसम और हर जगह पर एक ही नियम लागू नहीं हो सकता। यही बात मैं नर्सरी में भी अपने ग्राहकों को समझाता हूँ कि हर पौधे की अपनी अलग वैरायटी और अलग ग्रोथ होती है।

इसलिए पौधे को देखकर उसकी स्थिति समझें और उसी के अनुसार धूप, पानी, मिट्टी, खाद और छंटाई का ध्यान रखें। तो गेंदे का पौधा स्वस्थ और घना बनेगा और आगे चलकर अच्छी संख्या में फूल देने में मदद करेगा।